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Wednesday, 8 April 2015

उत्तराखण्ड में वात्सल्य ग्राम निर्माण का शुभारम्भ


वात्सल्य सेवा केंद्र, उखीमठ
केदारघाटी आपदा के बाद पूज्या दीदी माँ साध्वी ऋतम्भराजी के पावन मार्गदर्शन में परमशक्ति पीठ द्वारा वहाँ आपदा पीडि़तों के सहायतार्थ व्यापक स्तर पर राहत अभियान संचालित किया गया था। जरूरतमन्द बच्चों के लिए ‘वात्सल्य सेवा केन्द्रों के माध्यम से निःशुल्क आवास तथा शिक्षा की व्यवस्था की गई। आपदाग्रस्त गाँवों में महिलाओं के लिए ‘वात्सल्य स्वावलंबन केन्द्रों’ के माध्यम से रोजगारमूलक प्रशिक्षण, जैसे सिलाई, कढ़ाई तथा कृत्रिम गहनों का निर्माण, प्रदान किये गए। आवश्यकता इस बात की महसूस की गई कि यहाँ एक स्थाई वात्सल्य ग्राम का निर्माण किया जाए।

    दीदी माँ जी की प्रेरणा से संस्था ने गुप्तकाशी में एक सुन्दर स्थान का चयन किया। भूमि क्रय करने के बाद निश्चित किया गया कि यहाँ पर वात्सल्य ग्राम का निर्माण किया जाएगा जिसमें विद्यालय, छात्रावास तथा प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र होगा। विगत दिनों परमशक्ति पीठ के महासचिव आदरणीय संजय भैया जी ने अपनी उत्तराखण्ड यात्रा के दौरान गुप्तकाशी पहुँचकर इस संबंध में क्रियान्वयन को अग्रसर किया। आपने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 75 हजार वर्गफिट में वात्सल्य ग्राम, गुप्तकाशी का निर्माण किया जाना है। जिसकी प्रति वर्गफिट लागत 2100 रुपये है। योजना के प्रथम चरण निर्माण हेतु तैयारी हो चुकी है तथा शीघ्र ही कार्य आरंभ हो जाएगा। इस चरण में लगभग 20 से 25 हज़ार वर्गफिट निर्माण किया जाना है। इसी प्रकार दूसरे और तीसरे चरण का भी निर्माण होगा। 

उत्तराखण्ड में निर्मित इस वात्सल्य ग्राम के माध्यम से यहाँ के बच्चों को संस्कारपूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। समाज के सहयोग से बनाया जा रहा यह केन्द्र राष्ट्रनिर्माण का एक सुन्दर प्रयास होगा। आदरणीय संजय भैया ने ऊखीमठ एवं गुप्तकाशी स्थित वात्सल्य सेवा केन्द्र के बच्चों को अपना स्नेहाशीष प्रदानकर वहाँ मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बीच रहकर कार्य कर रही बहनों का उत्साहवर्द्धन किया। इस अवसर पर पूज्य स्वामी ध्यानानन्द जी महाराज, श्री अजय गोयनका जी एवं श्री पुनीत गोयल भी उनके साथ रहे।